हरिद्वार। चारधाम यात्रा के मद्देनज़र जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि होटल, ढाबों, दुकानों और रेस्टोरेंटों में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या ओवर रेटिंग न हो सके। सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने जानकारी दी कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखण्ड सचिन कुर्वे एवं जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में विभाग द्वारा औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत खाद्य एवं पेय पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद टम्टा द्वारा हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक वितरक से फैंटा (ऑरेंज फ्लेवर कार्बोनेटेड वाटर) का नमूना लिया गया। इसके अलावा आर्य नगर चौक के एक रेस्टोरेंट से खुली हल्दी पाउडर तथा ज्वालापुर स्थित एक डेयरी से दूध का नमूना संदेह के आधार पर संग्रहित कर जांच हेतु भेजा गया। निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 6 रेस्टोरेंट, 3 ढाबों, 2 वितरकों और 1 डेयरी की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सभी प्रतिष्ठानों को खाद्य अनुज्ञप्ति एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस में रहने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, स्वच्छता बनाए रखने, डस्टबिन की व्यवस्था करने और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव द्वारा रुड़की ग्रामीण क्षेत्र में शहद के दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। इसके अतिरिक्त अलकनंदा होटल में खाद्य व्यवसायियों के लिए एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिसमें करीब 25 लोगों ने भाग लिया। कार्यशाला में फूड सेफ्टी मानकों की जानकारी दी गई और डिस्प्ले बोर्ड वितरित किए गए।
