हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले और शहर की बढ़ती आबादी व श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए हरिद्वार के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गए हैं। राज्य आंदोलनकारी एवं भाजपा सदस्य चौगेश चंद्र पांडे तथा स्वामी राम प्रकाश चैरिटेबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय शाह ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर कुंभ क्षेत्र और नगर विकास से संबंधित कई जनहितकारी प्रस्तावों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के समक्ष रखे गए हैं।
पत्र में मांग की गई है कि कुंभ क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाईओवर मिट्टी आधारित न होकर आरसीसी संरचना में बनाए जाएं, ताकि उनके नीचे पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा सके। साथ ही ऋषिकुल पुल और शंकराचार्य चौक पर फ्लाईओवर निर्माण को आवश्यक बताते हुए कहा गया है कि इन स्थानों पर प्रतिदिन भारी यातायात दबाव बना रहता है।
इसके अलावा प्रेमनगर पुल से कृष्णा नगर पुलिया तक फ्लाईओवर अथवा उच्च स्तरीय सड़क मार्ग के निर्माण का सुझाव दिया गया है, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम हो सके। रामदेव की पुलिया क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण या फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता भी जताई गई है।
घाटों के विकास को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि नए घाटों पर सीढ़ियां नदी की तलहटी तक बनाई जानी चाहिए, ताकि जलस्तर कम होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षा दीवार पार कर नीचे न उतरना पड़े और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। इसके साथ ही नव निर्मित और प्रस्तावित घाटों पर पर्याप्त हाई मास्ट लाइट एवं एलईडी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
सुझाव पत्र में नए हरिद्वार गंगा पुल के शीघ्र विस्तार, प्रस्तावित रिंग रोड से जुड़ी सड़कों के 30 से 40 फीट तक चौड़ीकरण, ऋषिकुल तिराहे से ऋषिकुल पुल तक सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण तथा ऋषिकुल मैदान में बाउंड्री वॉल निर्माण की मुख्यमंत्री घोषणा को जल्द धरातल पर उतारने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा श्री यंत्र मंदिर पुल से बैरागी कैंप रोड तक स्थित छोटे सड़क मार्ग के निर्माण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित हो सके।
पत्र के अंत में कहा गया है कि ये सभी सुझाव हरिद्वार की भविष्य की आवश्यकताओं, कुंभ क्षेत्र की गरिमा, श्रद्धालुओं की सुविधा और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिए गए हैं। मुख्यमंत्री से इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
