हरिद्वार। चंडी देवी रोपवे के पास झाड़ियों में मिली अज्ञात महिला की लाश ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। शव इतना सड़ चुका था कि पहचान करना लगभग नामुमकिन था। कातिल कौन था और मृतका कौन, दोनों ही सवाल रहस्य बने हुए थे। लेकिन एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने 25 दिन की मैराथन जांच के बाद इस ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा कर दिया।
SSP नवनीत सिंह ने उक्त मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि मृतका कौशल्या, बांदा (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली थी और उसका प्रेम संबंध रामप्रकाश उर्फ गोविंदा से था। शादी का दबाव बढ़ने पर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या की हत्या की साजिश रची। तीनों उसे चंडी देवी दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार लाए और सुनसान इलाके में गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। पहचान छिपाने के लिए शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया, लेकिन पुलिस ने 600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज, 1.64 लाख मोबाइल नंबरों के डंप डाटा और हजारों रिकॉर्ड खंगालकर हत्यारोपियों तक पहुंच बनाई। जांच टीम घटनास्थल से करीब 700 किलोमीटर दूर बुंदेलखंड तक पहुंची और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। इस शानदार खुलासे पर आईजी गढ़वाल ने पुलिस टीम को ₹5000 और एसएसपी हरिद्वार ने ₹2500 के पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस की तकनीकी विवेचना और लगातार मेहनत ने एक ऐसे हत्याकांड का पर्दाफाश किया, जिसे आरोपी हमेशा के लिए दफन समझ बैठे थे। पत्रकारवार्ता के दौरान SP क्राइम निशा यादव, SP सिटी अभय प्रताप सिंह, CO सिटी शिशुपाल नेगी, CIU प्रभारी नरेंद्र बिष्ट, SO श्यामपुर नितेश शर्मा सहित पूरी पुलिस टीम मौजूद रही।
