हरिद्वार, 29 जुलाई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध की अध्यक्षता में जिला गंगा संरक्षण समिति की 75वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में गंगा की स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण, घाटों की सफाई, सीवेज प्रबंधन और विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि गंगा को साफ, निर्मल और अविरल बनाए रखना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा में किसी भी प्रकार का कूड़ा-कचरा या ठोस अपशिष्ट न जाने दिया जाए तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही गंगा घाटों पर अतिक्रमण रोकने, नियमित निरीक्षण करने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
डीएफओ ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बिना उपचारित सीवेज किसी भी स्थिति में गंगा में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को एसटीपी का नियमित निरीक्षण करने और तकनीकी खामियों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गंगा संरक्षण से जुड़े लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, जनजागरूकता अभियान चलाने और जनसहभागिता बढ़ाने पर भी बल दिया। बैठक का संचालन जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य ने किया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, डीपीआरओ मोहम्मद मुस्तफा खां, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, आरएम सिडकुल कमल किशोर कफाल्टिया, एफएसओ एफडीए कैलाश चंद्र टम्टा, यूकेपीसीबी के डॉ. अजीत सिंह, डॉ. रश्मि सिंह, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी हेमचंद्र, सहायक अभियंता सिंचाई अनुज बंसल सहित जिला गंगा संरक्षण समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
