नई दिल्ली। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की अर्धवार्षिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक रविवार को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित हुई। बैठक में देश के 21 राज्यों के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय विस्तार, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सरोकारों को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।
राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों को सरकार राष्ट्रीय धरोहर घोषित करे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष को सम्मान देने के साथ उनके परिवारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा भी जरूरी है। रघुवंशी ने कहा कि संगठन वर्तमान में करीब 23 राज्यों में सक्रिय है और देशभर के लगभग दो करोड़ स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारियों की बढ़ती आयु को देखते हुए मातृशक्ति और युवा शक्ति को संगठन में विशेष जिम्मेदारियां देने का निर्णय लिया गया। विभिन्न राज्यों में नए पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। सभी जिलों में जिलाध्यक्ष नियुक्त कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की योजना बनाई गई। उत्तराखंड में वरिष्ठ महिला पत्रकार एवं स्वतंत्रता सेनानी की पुत्री शशि शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में पंजाब, उत्तराखंड, असम और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में उपलब्ध सरकारी प्रावधानों और सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अन्य राज्यों में भी अधिकारों एवं सम्मान को लेकर रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष देशबन्धु ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके त्याग, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संगठन की है। बैठक में सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में संगठन की भागीदारी बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
