हरिद्वार, 14 मई। कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार को मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों की टीम के साथ बहादराबाद, बीएचईएल, ज्वालापुर, फेरूपुर और पतंजलि क्षेत्र में चल रहे सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों की मौके पर खुदाई करवाकर गुणवत्ता, मोटाई और निर्माण सामग्री की जांच कराई, जिससे कार्यदायी संस्थाओं में हड़कंप मच गया। मेलाधिकारी सोनिका ने स्पष्ट कहा कि कुम्भ मेला 2027 केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक क्षमता और सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक प्रदर्शन है। ऐसे में किसी भी निर्माण कार्य में लापरवाही, घटिया गुणवत्ता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बहादराबाद-सिडकुल चार लेन मार्ग का जायजा लिया, जो भाईचारा ढाबा से बीएचईएल बैरियर संख्या-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक तक विकसित किया जा रहा है। करीब 1182.35 लाख रुपये की इस परियोजना में सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और यातायात प्रबंधन की स्थिति का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पृथ्वीराज चौहान चौक का चौड़ीकरण जल्द पूरा कराने और सड़क किनारे टाइल्स लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद मेलाधिकारी ने ज्वालापुर-ईदगाह-सुभाषनगर पीएसी मार्ग पर पथरी रोह नदी में बन रहे 60 मीटर स्पान प्री-स्ट्रेस आरसीसी पुल का निरीक्षण किया। करीब 966.61 लाख रुपये की लागत वाले इस पुल का काम धीमा मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्माण में तेजी लाने और आसपास के अतिक्रमण तत्काल हटाने के निर्देश दिए। पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर दिनारपुर, सुभाषगढ़ होते हुए फेरूपुर तक चल रहे लगभग 2692.68 लाख रुपये की लागत वाले सड़क चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण भी बेहद सख्त अंदाज में किया गया। यहां मेलाधिकारी ने सड़क की आधारभूत परत यानी जीएसबी की खुदाई करवाकर गुणवत्ता और मोटाई की जांच कराई तथा सड़क की चौड़ाई का भी मापन कराया। मेलाधिकारी सोनिका ने लोक निर्माण विभाग और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच कराई जाए और हर स्तर पर तय तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कुम्भ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सड़क और पुल परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सभी विभाग पूरी क्षमता और तत्परता से काम करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों और पुलों के किनारे वृक्षारोपण, झाड़ियों की नियमित सफाई और अतिक्रमण रोकने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
