हरिद्वार। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री पंच दश नाम जूना अखाड़े ने कुंभ 2027 की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अपने प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तिथियों और शुभ मुहूर्त की आधिकारिक घोषणा कर दी। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरी गिरी महाराज की अध्यक्षता में विद्वान ज्योतिषाचार्यों एवं संतों के विचार-विमर्श के बाद नगर प्रवेश, भूमि पूजन, धर्म ध्वजा स्थापना और पेशवाई की तिथियां तय की गईं।
श्री महंत हरी गिरी महाराज ने बताया कि अखाड़े के पंच परमेश्वर, रमता पंच और जमात 21 नवंबर 2026 को गोधूलि बेला में हरिद्वार में नगर प्रवेश करेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 को भैरव अष्टमी के अवसर पर कुंभ मेला प्रशासन द्वारा आवंटित भूमि पर अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन होगा। 23 दिसंबर 2026 को दत्तात्रेय जयंती पर धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी, जिसके साथ ही कुंभ मेले का विधिवत शुभारंभ माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि 14 जनवरी 2027 को उत्तरायण पर्व पर भगवान दत्तात्रेय की पालकी, नगाड़ों और निशानों के साथ भव्य पेशवाई निकाली जाएगी, जिसमें आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, नागा संन्यासी और बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल होंगे। श्री महंत हरी गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व तथा मेला अधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और पूरी मेला प्रशासन टीम की तैयारियों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि कुंभ 2027 भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।
