हरिद्वार। उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद, जनपद हरिद्वार ने जनगणना 2027 के कार्यों में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध करते हुए उन्हें इस कार्य से मुक्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में परिषद ने जिलाधिकारी हरिद्वार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। परिषद का कहना है कि वर्तमान में विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और प्रवेश प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। ऐसे समय में यदि प्रधानाचार्यों की ड्यूटी जनगणना कार्यों में लगाई जाती है, तो विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी और पठन-पाठन कार्य बाधित हो सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी जनगणना 2027 के कार्यों के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रधानाचार्य पहले से ही विद्यालय संचालन, प्रशासनिक कार्यों और शैक्षणिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इससे मुक्त रखा जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इस ज्ञापन पर परिषद के संरक्षक डॉ. घनश्याम गुप्ता, अध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा और मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। परिषद ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उचित निर्णय करेगा।
