हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर जनपद में घर पर होने वाले प्रसव (होम डिलीवरी) को पूरी तरह समाप्त करने और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में 15 अप्रैल को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में हुए कुल 449 घर प्रसवों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में यह सामने आया कि कुछ दाइयों द्वारा शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद घर पर प्रसव कराए जा रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। डॉ. रमेश कुंवर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 18 दाइयों को चिन्हित किया, जिनके क्षेत्र में सबसे अधिक घर प्रसव दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी घर प्रसव को शून्य करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद लापरवाही सामने आ रही है।
इसके बाद चिन्हित दाइयों को कोतवाली बहादराबाद में पेश किया गया, जहां उन्हें सख्त हिदायत दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी पर कड़ी निगरानी रखने और भविष्य में घर प्रसव न कराने को लेकर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग का फोकस अब संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और आशा व एएनएम के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
