अजीत डोभाल के समर्थन में उतरे कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मांगा जवाब, पूछा – क्या राहुल गांधी का बयान पार्टी की आधिकारिक सोच है?
हरिद्वार।राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी ने उत्तराखंड की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने इस टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे उत्तराखंड के गौरव और स्वाभिमान से जोड़ दिया। उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए प्रदेश अध्यक्ष से दो टूक सवाल किया कि राहुल गांधी का बयान क्या कांग्रेस की आधिकारिक सोच है? यदि पार्टी इस टिप्पणी से सहमत नहीं है, तो फिर प्रदेश नेतृत्व खुलकर अपना रुख स्पष्ट क्यों नहीं करता?
मंगलवार को मेयर कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मदन कौशिक ने कहा कि अजीत डोभाल ने अपना जीवन देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया है। उनकी पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि दशकों की देशसेवा से बनी है। ऐसे व्यक्तित्व को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भावनाओं और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने जैसा है।
डोभाल और बिपिन रावत का नाम लेकर कांग्रेस पर हमला
मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने देश को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले अजीत डोभाल और पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत जैसे वीर सपूत दिए हैं। इनकी सेवाओं पर प्रदेश को गर्व है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले लोगों को राजनीतिक विवादों में घसीटते समय क्या उनकी सेवाओं और प्रदेश की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा जाना चाहिए?
कौशिक ने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए वर्ष 2017 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के लिए कथित तौर पर की गई ‘सड़क का गुंडा’ टिप्पणी का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से उठाए गए सवालों पर भी निशाना साधा।
सेना के मुद्दे पर राजनीति क्यों?
कैबिनेट मंत्री ने गलवान घाटी की घटना के बाद राहुल गांधी के बयानों को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सेना और देश की रक्षा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की मर्यादा कायम रहनी चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के समय देश की सुरक्षा और सेना के मनोबल से जुड़े विषयों पर जिम्मेदारी के साथ बात की जानी चाहिए।
कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि आखिर अजीत डोभाल जैसे अनुभवी और महत्वपूर्ण सुरक्षा अधिकारी को लेकर इस तरह की टिप्पणी क्यों की जा रही है?
अब सियासी सवाल कांग्रेस के सामने है : क्या प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन करता है या उससे असहमति जताएगा? मदन कौशिक ने साफ कर दिया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्रसेवा करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए।
प्रेसवार्ता में मेयर किरण जैसल, विधायक आदेश चौहान, मीडिया के प्रदेश सह प्रभारी विकास तिवारी, सुभाष चंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
