ऋषिकुल मैदान से गूंजी नशे के खिलाफ आवाज, अतुल्य फाउंडेशन और हरिद्वार पुलिस की संयुक्त पहल में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लिया हिस्सा
हरिद्वार। नशे के खिलाफ जंग केवल भाषणों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जीती जा सकती है। इसी संदेश को लेकर रविवार को हरिद्वार में हजारों कदम नशामुक्त समाज की ओर बढ़े। अतुल्य फाउंडेशन और हरिद्वार पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रन अगेंस्ट ड्रग्स मिनी मैराथन में स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। आयोजन में रुड़की से पहुंचे 70 वर्षीय उमेश भटनागर और उनकी महज पांच साल की पोती दीया भटनागर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। दादा-पोती की इस जोड़ी ने छह किलोमीटर की दौड़ पूरी कर साबित कर दिया कि नशे के खिलाफ मुहिम में उम्र नहीं, बल्कि जज्बा मायने रखता है।
रविवार सुबह ऋषिकुल मैदान से शुरू हुई इस मिनी मैराथन को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मेयर किरण जैसल, एसपी सिटी दीपक सिंह, एकम्स परिवार की मुखिया अर्चना जैन और प्रज्ञा दीक्षित ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रतिभागियों ने रानीपुर मोड़, आर्य नगर, ज्वालापुर रेलवे स्टेशन, भगत सिंह चौक, टिबड़ी अंडरपास और पुराना रानीपुर मोड़ होते हुए निर्धारित मार्ग पर दौड़ पूरी की।
पांच श्रेणियों में दिखा जोश, युवाओं ने दिया बड़ा संदेश
मैराथन में पांच अलग-अलग श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने खेल भावना, अनुशासन और उत्साह के साथ दौड़ लगाई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक करना रहा। प्रत्येक वर्ग में प्रथम दस स्थानों पर रहने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी दिए गए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है। यह अनेक सामाजिक बुराइयों के साथ अपराध को भी जन्म देता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। मेयर किरण जैसल ने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण और देश सेवा में योगदान देने की अपील की। उन्होंने पौष्टिक आहार लेने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का संदेश भी दिया।
महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगी नशामुक्ति की मुहिम
एकम्स हेल्थ एंड एजुकेशन सोसाइटी की सचिव अर्चना जैन ने कहा कि नशा युवा पीढ़ी को अंधकार की ओर धकेल रहा है। इसके दुष्प्रभावों से समाज को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को और मजबूती दे सकती है। उन्होंने कहा कि रन अगेंस्ट ड्रग्स जैसे आयोजन लोगों को जागरूक करने के साथ युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।
विजेताओं ने दौड़ में दिखाया दमखम
मैराथन की विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रोफेशनल वर्ग में सागर पाल ने प्रथम, यश कुमार ने द्वितीय और नितिन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर सिटीजन वर्ग में मुनीराम प्रथम, विनीत जेलान द्वितीय और योगेंद्र तृतीय रहे। महिला वर्ग में शिवांगी ने पहला, अंजलि ने दूसरा और राधिका ने तीसरा स्थान हासिल किया। 14 वर्ष आयु वर्ग में ललित प्रथम, सुमित द्वितीय और शुभम तृतीय रहे। वहीं 14 से 45 वर्ष आयु वर्ग में सतेंद्र ने पहला, कार्तिक ने दूसरा और विकास ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाए कदम
नशे के खिलाफ आयोजित इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की। प्रगति भारत सेवा संस्थान, स्वामी विवेकानंद सेवा संस्थान और देवभूमि बधिर एसोसिएशन, उत्तराखंड सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक जनसमर्थन दिया।
आयोजन में अतुल्य फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष महावीर नेगी, वरिष्ठ पत्रकार रूपेश वालिया, विशाल गोस्वामी, ओमप्रकाश, आदित्य गोस्वामी, प्रेस क्लब के महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल, वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी अरोरा, मुदित अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रन अगेंस्ट ड्रग्स मिनी मैराथन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा संकल्प है। ऋषिकुल मैदान से उठी यह जागरूकता की दौड़ उम्मीद जगाती है कि समाज मिलकर आगे बढ़े तो नशे के खिलाफ लड़ाई को नई ताकत मिल सकती है।
