नई कमेटी के गठन पर उठाए सवाल, शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आश्रम को सरकारी संरक्षण में लेने की मांग
हरिद्वार, 13 अक्टूबर। हरिद्वार के चर्चित अमेरिकन आश्रम का विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। आश्रम प्रबंधक द्वारा लगाए गए आरोपों को बाबा हठयोगी ने गलत बताते हुए आश्रम की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने की किसी भी कोशिश का विरोध करने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका आश्रम की संपत्ति से कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है, लेकिन आश्रम की संपत्ति को किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में बाबा हठयोगी ने बताया कि पूर्व में गठित कमेटी में वह अध्यक्ष हैं। उनके अनुसार, आश्रम की देखरेख कर रही महिला की अनुमति से ही जमीन खेती के लिए दी गई थी तथा आश्रम में कैंटीन और कमरों का निर्माण भी उनकी सहमति से कराया गया था।
बाबा हठयोगी ने दावा किया कि पूर्व में कुछ लोग आश्रम पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। उस समय महिला ने उनसे मदद मांगी थी, जिसके बाद उन्होंने आश्रम पर कब्जा होने से रोकने में भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ रसूखदार लोग आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं और महिला द्वारा नई कमेटी का गठन भी नियमों के विरुद्ध किया गया है।
धार्मिक स्थल का व्यवसायीकरण बंद हो
बाबा हठयोगी ने शासन और प्रशासन से अमेरिकन आश्रम की संपत्ति को सुरक्षित रखने तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से आश्रम को अपने नियंत्रण में लेकर वहां कथित तौर पर हो रहे व्यवसायीकरण को बंद कराने की अपील की। उनका कहना है कि आश्रम धार्मिक गतिविधियों और साधना के केंद्र होते हैं, न कि व्यावसायिक हित साधने के माध्यम।
राम विशाल दास महाराज ने भी उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में राम विशाल दास महाराज ने भी बाबा हठयोगी पर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आश्रम की जमीन को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश की जा रही है और आश्रम की देखरेख कर रहे कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ पूरे करने में लगे हैं। उन्होंने नवगठित संस्था के गठन पर भी सवाल उठाए और कहा कि आश्रम की संपत्ति पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। अमेरिकन आश्रम की संपत्ति और प्रबंधन को लेकर उठे इन सवालों के बीच अब सबकी निगाहें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल, पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष और प्रशासनिक जांच सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।पत्रकार वार्ता के दौरान महंत प्रेमदास, हितेश दास महाराज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
