हरिद्वार, 27 सितम्बर। अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ ने कुंभकार समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई है। महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र मनिनवाल ने कहा कि समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय उसे सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में उचित हिस्सेदारी दी जानी चाहिए।
प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. मनिनवाल ने कहा कि माटी कला से जुड़े शिल्पकारों के उत्थान के लिए सरकार को ठोस नीति बनानी होगी। उन्होंने शिल्पकारों को सोलर भट्टी योजना से जोड़ने, आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने और कुंभकारों को बिजली के चाक मुहैया कराने की मांग की। उनका कहना था कि माटी कला से जुड़ी समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझकर शिल्पकारों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि वे अपने पारंपरिक रोजगार को बेहतर तरीके से संचालित कर सकें। उन्होंने माटी कला बोर्ड को आयोग का दर्जा देने की भी मांग की। मनिनवाल ने कहा कि कुंभकार समाज अति पिछड़े वर्ग में आता है और उसके सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है। राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, जिला पंचायत और नगर निकायों में समाज की हिस्सेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग करते हुए कहा कि जनगणना फार्म में जाति का स्पष्ट कॉलम होना चाहिए, ताकि समाज की वास्तविक स्थिति और संख्या का सही आंकलन हो सके। उन्होंने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
प्रेसवार्ता में शिवकुमार, बालूराम, अतर सिंह, विनोद प्रजापति, राजाराम प्रजापति, राजेंद्र कश्यप के अलावा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोमपाल त्यागी और मनोज सैनी भी मौजूद रहे।
