9 मीटर लंबी एसी बसों से शहर की कनेक्टिविटी होगी आसान, 7 फीडर रूट और एक सर्कुलर रूट पर होगा संचालन
हरिद्वार, 25 सितंबर। हरिद्वार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जिले को आवंटित 37 इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही शहर की सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। खास बात यह है कि इन बसों का नेटवर्क केवल मुख्य शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कनखल, पुराना आरटीओ और सप्तऋषि क्षेत्र को भी इससे जोड़ा जाएगा। शुक्रवार को सीसीआर भवन में मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में ई-बस सेवा के प्रस्तावित रूट, बसों की तैनाती, बस स्टॉप, चार्जिंग और डिपो व्यवस्था पर विस्तार से मंथन किया गया। एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना की जानकारी दी। योजना के तहत 9 मीटर लंबी, 30 सीटर और वातानुकूलित ई-बसें संचालित की जाएंगी। करीब 15 किलोमीटर के मुख्य शहरी क्षेत्र में एक सर्कुलर रूट और सात फीडर रूट तैयार किए जा रहे हैं। प्रस्तावित सर्कुलर रूट हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ऋषिकुल, चंद्राचार्य चौक, भगत सिंह चौक, बीएचईएल सेक्टर-2 बैरियर, ज्वालापुर, दुर्गा चौक, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, डामकोठी और तुलसी चौक होते हुए फिर रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगा। वहीं रोशनाबाद, पेंटागन मॉल, शिवालिक नगर, बहादराबाद, पतंजलि, जटवाड़ा पुल, धनपुरा, जगजीतपुर, शांतिकुंज और लालढांग जैसे क्षेत्रों को फीडर रूटों के जरिए मुख्य नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
डीएम ने बढ़ाया नेटवर्क का दायरा
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रस्तावित रूटों में संशोधन के निर्देश देते हुए कनखल चौक, पुराना आरटीओ और सप्तऋषि क्षेत्र को भी ई-बस नेटवर्क में शामिल करने को कहा। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी। शुरुआती चरण में सर्कुलर रूट के साथ रोशनाबाद, बहादराबाद और पतंजलि कॉरिडोर को प्राथमिकता दी जाएगी। इन मार्गों पर बसों के बीच अंतर लगभग 10 मिनट रखने का लक्ष्य है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्तावित रूटों पर नए बस स्टॉप भी तैयार किए जाएंगे। बैठक में जिलाधिकारी ने ई-बसों के संचालन से पहले चार्जिंग स्टेशन और डिपो की व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक नई ई-बस सेवा से शहर, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख तीर्थ मार्गों के बीच सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क और मजबूत होगा। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती, एआरटीओ नेहा झा, एआरटीओ रुड़की जितेंद्र चंद्र, यातायात सीओ संदीप नेगी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
