हरिद्वार। देवपुरा स्थित श्री कबीर आश्रम में आयोजित सामाजिक चिंतन, समरसता एवं सद्भावना सम्मेलन में संत कबीर की शिक्षाओं और सामाजिक एकजुटता पर मंथन हुआ। सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि करीब 650 वर्ष पहले संत कबीर ने जिस भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया था, उसकी प्रासंगिकता आज भी कायम है। समाज के उत्थान के लिए कबीर की वाणी और उनके विचारों का अनुसरण जरूरी है।
श्री कबीर आश्रम धर्मार्थ ट्रस्ट समिति के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पंवार ने कहा कि बिखरा हुआ समाज कभी विकास की नई इबारत नहीं लिख सकता। समाज को अपनी ताकत पहचानने के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी सामाजिक कार्यक्रम अकेले किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि सभी की भागीदारी से सफल होता है।
उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा देने पर जोर दिया। कहा कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षित और संस्कारित बनाकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को विशेष महत्व देते हुए कहा कि बेटियों को पढ़ाएं और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर दें।
डॉ. पंवार ने कहा कि समाज में आपसी भेदभाव और मतभेद दूर करने के लिए संवाद बेहद जरूरी है। एक-दूसरे की मदद करने और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी से भाईचारा और प्रेम मजबूत होगा। उन्होंने संतों का चोला पहनकर गलत कार्य करने वालों का सामाजिक स्तर पर विरोध करने की बात भी कही।
उन्होंने समाज के लोगों से अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाने और छोटे-बड़े हर सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष अजब सिंह, पालेराम, तिलकराज, ओमप्रकाश, कृपाल सिंह, निरुराम, मस्तराम, संजय कुमार, राजेंद्र, कैलाश, मेहर सिंह, शिवकुमार, एडवोकेट आनंद कुमार, प्रवीण प्रधान, एडवोकेट अमरीश, खिलाराम, धर्मेंद्र सिंह, एडवोकेट लोकेश कुमार, लाला घनश्याम, प्रमोद, करनपाल सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
