व्हाट्सएप चैट डिलीट कर मिटाना चाहता था निशान, पुलिस ने डिजिटल सबूतों से दबोचा, मोबाइल और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद
हरिद्वार। साइबर ठगी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर बड़ा प्रहार करते हुए अंतर्राज्यीय मगध साइबर गैंग के ऋषिकेश नेटवर्क से जुड़े एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर बलिया निवासी सागर पाण्डेय को ऋषिकेश के मायाकुंड क्षेत्र से दबोचा। SSP नवनीत सिंह के निर्देश पर कोतवाली श्यामपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 100/2026 में वांछित सागर की तलाश की जा रही थी। सीआईयू टीम को उसके डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड की लोकेशन मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर काले रंग की स्कूटी से जा रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया निवासी सागर ऋषिकेश में रहकर मगध साइबर गैंग के पूर्व में गिरफ्तार सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था। उसका काम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाना और इन खातों को साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए गैंग को उपलब्ध कराना था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराए थे। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था।पुलिस के मुताबिक, साथियों की गिरफ्तारी की भनक लगते ही सागर ने अपने मोबाइल से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और साथियों के नंबर तक डिलीट कर दिए थे। हालांकि, तकनीकी जांच में पुलिस ने उसके मोबाइल की गैलरी से विशाल के नाम दर्ज बैंक खाते की फोटो सहित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद कर लिए।
आरोपी के कब्जे से रियलमी मोबाइल फोन और बैंक खातों व चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं। कार्रवाई थानाध्यक्ष नितेश शर्मा और चौकी प्रभारी चंडीघाट देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में की गई। टीम में विनित कुमार, राहुल देव, वसीम और सीआईयू हरिद्वार के सदस्य शामिल रहे।
