हरिद्वार, 02 सितम्बर। भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध अमेरिकन आश्रम (स्वामी देवानंद आश्रम) की संपत्ति को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। श्री आवाहन अखाड़े के श्रीमहंत गोपाल गिरी महाराज ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आश्रम पर पूर्ण अधिकार केवल आवाहन अखाड़े का है और इसकी किसी भी भूमि या संपत्ति की खरीद-फरोख्त को अखाड़ा मान्यता नहीं देता।
श्रीमहंत गोपाल गिरी ने कहा कि स्वामी देवानंद आवाहन अखाड़े के सम्मानित संत थे और उनकी परंपरा के अनुसार आश्रम की समस्त संपत्ति का संरक्षण एवं प्रबंधन अखाड़े के अधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया और स्वार्थी तत्व आश्रम की संपत्ति को बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि किसी भी व्यक्ति को अखाड़े की संपत्ति का बैनामा या एग्रीमेंट करने का अधिकार नहीं है। ऐसे सभी दस्तावेज कानूनन अमान्य होंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही आवाहन अखाड़े का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएगा तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग करेगा। श्रीमहंत ने चेतावनी दी कि आश्रम की भूमि पर कब्जे या खरीद-फरोख्त के किसी भी प्रयास का अखाड़ा कानूनी और परंपरागत तरीके से कड़ा विरोध करेगा।
