हरिद्वार, 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर हरिद्वार में जिला सैनिक कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शौर्य दिवस पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कारगिल शहीदों और अन्य वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने शहीद सैनिकों की वीर नारियों और उनके परिजनों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए देश का गौरव बढ़ाया। उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनका राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा।
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिक और उनके परिवार सम्मान के पात्र हैं। यदि किसी सैनिक, भूतपूर्व सैनिक या वीर नारी को किसी प्रकार की समस्या है तो जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के माध्यम से उसे जिला प्रशासन तक पहुंचाया जाए, ताकि उसका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा सके।
कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर किरण जैसल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देशभक्ति, साहस और राष्ट्र सेवा की अमर प्रेरणा है। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने पूर्व सैनिकों, सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) डॉ. सरिता पंवार ने कारगिल युद्ध के इतिहास और हरिद्वार के शहीद राइफलमैन मान सिंह गोसाईं के बलिदान को याद करते हुए सभी वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों और खेल विभाग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक, वीर नारियां, छात्र-छात्राएं, प्रशासनिक अधिकारी और सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
