हरिद्वार/लक्सर। उत्तराखंड की सियासत में भाजपा को उस समय बड़ा झटका लगा, जब लक्सर विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद खारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए अपने इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के पीछे लंबे समय से चल रही नाराजगी को असली वजह माना जा रहा है।

फोन पर बातचीत में प्रमोद खारी ने खुलकर कहा कि राज्य की भाजपा सरकार में गुर्जर समाज की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि समाज से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और सरकारी अधिकारी भी जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब सम्मान और सुनवाई ही नहीं होगी तो पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
गुर्जर समाज में अच्छी पकड़ रखने वाले प्रमोद खारी लंबे समय से लक्सर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का सक्रिय चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनके इस्तीफे को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या भाजपा नेतृत्व उनकी नाराजगी दूर कर पाएगा या यह इस्तीफा क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत करेगा।
