हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने देश की अर्थव्यवस्था पर चोट पहुंचाने वाले नकली नोट गिरोह का सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले ₹52,500 के जाली नोट बरामद होने के मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस सीधे उस ‘फैक्ट्री’ तक पहुंच गई, जहां लैपटॉप, प्रिंटर और विशेष पेपर की मदद से 500-500 रुपये के नकली नोट तैयार किए जा रहे थे।
SP सिटी ऑफिस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए SP क्राइम निशा यादव ने बताया कि कोतवाली श्यामपुर पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य क्विड कार में नकली नोट छापने के उपकरण और तैयार नोटों को ठिकाने लगाने के लिए बिजनौर की ओर जा रहे हैं। लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी में एक लैपटॉप, एचपी और कैनन कंपनी के दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन, ₹500 के चार असली नोट तथा 25 शीटों पर छपे करीब ₹50 हजार के नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कटिंग बाकी थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गुलजार ऑनलाइन विशेष पेपर मंगाता था, जबकि शगुन असली नोट की फोटो को सॉफ्टवेयर और एप की मदद से हाई क्वालिटी बनाकर प्रिंट तैयार करता था। वहीं देवेन्द्र ने स्वीकार किया कि इससे पहले भी बिजनौर क्षेत्र में करीब ₹60 हजार के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं। अधिक मुनाफे के लालच में उन्होंने अपना गिरोह और मजबूत कर लिया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेन्द्र कुमार, गुलजार अहमद और शगुन जोशी के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा था, लेकिन समय रहते पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया। तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पत्रकार वार्ता में SP सिटी अभय प्रताप सिंह, CO अवनि तिवारी भी मौजूद थे।
