हरिद्वार।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति उज्जैन के तत्वावधान में भव्य शिप्रा पूजन और हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम उर्घ्वाम्नाय श्रीकाशीसुमेरू पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। पूजन जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं अखाड़ा परिषद अध्यक्ष तथा जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता के मार्गदर्शन में भगवान हरिहर, श्री चिंतामन गणेश मंदिर, दातार अखाड़ा में भगवान दत्तात्रेय एवं गुरु मूर्तियों की समाधियों का पूजन किया गया। संतों ने हवन में आहुति देकर विश्व शांति, मानव कल्याण और पर्यावरण संरक्षण की कामना की। हवन में श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, उमाशंकर भारती महाराज, केदार पुरी महाराज, महेश पुरी महाराज सहित अनेक संतों ने सहभागिता की। सोमवार देर रात तक चले हवन में ब्रह्मलीन महायोगी की शिष्या महामंडलेश्वर कैला गिरि महाराज योग माता केको आईकावा के जापानी शिष्यों ने भी आहुति दी।जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गंगा दशहरा जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश देता है। वहीं श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि सभी नदियां एक ही स्वरूप हैं और जल संरक्षण ही मानव अस्तित्व का आधार है।श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि आगामी सिंहस्थ कुंभ उज्जैन और नासिक कुंभ की तैयारियों को लेकर संत समाज सक्रिय है। 28 मई को संतों का दल नासिक पहुंचकर मां गोदावरी एवं रामघाट का पूजन करेगा।
