पंडित दिव्यांश शर्मा (स्वतन्त्र पत्रकार)
हरिद्वार, 25 जुलाई। हरिद्वार के रावली महदूद स्थित देवभूमि इंटरनेशनल स्कूल प्रांगण में शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर हरिद्वार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल दिवस पर विशेष चर्चा से हुई। पैरा लीगल वॉलंटर ऋतुपल और अंशिका ने बच्चों को बताया कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी। इस दिन हम उन शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। कारगिल दिवस हमें देशभक्ति, त्याग और कर्तव्य की प्रेरणा देता है। इसी थीम पर स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति गीत, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को मुफ्त विधिक सहायता, परामर्श और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने, मोबाइल फोन का अत्यधिक प्रयोग न करने और अपने मौलिक अधिकारों के प्रति सजग रहने की जानकारी दी। पैनल अधिवक्ता काजल सैनी ने मंच का संचालन किया और पोक्सो अधिनियम 2012 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पोक्सो का पूरा नाम यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है। यदि किसी बच्चे के साथ इस प्रकार की कोई घटना हो तो तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना देनी चाहिए। बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के अंतर को समझना चाहिए और किसी भी प्रकार के डर के बिना अपने माता-पिता या शिक्षक को बताना चाहिए।
विद्यालय प्रबंधन चेयरमैन जितेंद्र पाठक और प्रधानाचार्य प्रीति पाठक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारा विद्यालय शहरी क्षेत्र की आधुनिक व्यवस्थाओं से थोड़ा अलग है। ऐसे विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की यहां बहुत आवश्यकता है। इससे बच्चों के साथ अभिभावकों में भी जनजागरूकता की चेतना बनेगी जो भविष्य के लिए हितकारी है। कार्यक्रम के अंत में सचिव सिमरन जीत कौर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरित किए। विद्यालय के सभी शिक्षकों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की।
