हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला 2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आपदा-सहिष्णु बनाने के लिए मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), मेला प्रशासन, उत्तराखंड पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, रेलवे और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ 2027 की तैयारियों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सेक्टर में आपदा प्रबंधन संसाधनों की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी मार्गों का विकास, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, मजबूत संचार तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों की तत्परता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉक ड्रिल और संयुक्त अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। एनडीएमए के सलाहकार (संचालन एवं संचार) कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं वाले इस विशाल आयोजन में जोखिम न्यूनीकरण के लिए बहुस्तरीय तैयारियां आवश्यक हैं। उन्होंने होटलों, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थलों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने तथा हरिद्वार रेलवे स्टेशन की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में भगदड़, अग्निकांड, गंगा घाटों पर जल दुर्घटनाएं, प्रतिकूल मौसम, यातायात दबाव, अस्थायी ढांचों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को प्रमुख जोखिमों के रूप में चिन्हित किया गया। आधुनिक तकनीक आधारित सीसीटीवी नेटवर्क, ड्रोन सर्विलांस, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ मेला) आयुष अग्रवाल ने सेक्टर आधारित सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण किया। मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में 71 स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से 3,456 बेड, 343 चिकित्साधिकारी और 481 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की जाएगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि 200 प्रशिक्षित आपदा मित्र भी मेले में सेवाएं देंगे। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, एनडीएमए के सहायक सलाहकार मेजर अशोक शुक्ल, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता डी.पी. सिंह, प्रदीप कुमार और यशवीर मल्ल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कुंभ-2027 को सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए समन्वित रणनीति अपनाने का संकल्प दोहराया।
