हरिद्वार, 08 जून। जनपद में सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने लक्जरी एवं यात्री बसों के खिलाफ विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर 6 और 7 जून को संचालित इस अभियान में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि अभियान का नेतृत्व नेहा झा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) हरिद्वार तथा कृष्णा पलारिया, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रुड़की ने किया। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों, इंटरसेप्टर वाहनों और तकनीकी निरीक्षण दलों ने संयुक्त रूप से हरिद्वार, रुड़की, राष्ट्रीय राजमार्गों, बस अड्डों और प्रमुख यात्री मार्गों पर व्यापक जांच अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, कर अदायगी, प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक लाइसेंस, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र तथा आपातकालीन निकास जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। जांच में कई वाहनों में तकनीकी और वैधानिक खामियां सामने आईं, जिन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान कुल 45 बसों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 6 बसों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा तकनीकी मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले 5 वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति सक्षम प्राधिकारी को भेजी गई है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन स्वामियों और संचालकों के खिलाफ आगे भी इसी तरह के सघन अभियान जारी रहेंगे। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपने दस्तावेज अद्यतन रखने और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने की अपील की है, ताकि सुरक्षित और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
