हरिद्वार, 26 मई। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने मिलावटखोरों और लापरवाह खाद्य कारोबारियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नेशनल हाईवे-58 से लेकर हरिद्वार शहर तक होटल, ढाबों, कैंटीन और रेस्टोरेंट्स में ताबड़तोड़ छापेमारी की। सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जुरास कंट्री से कोर कॉलेज रुड़की तक कुल 11 ढाबों और रेस्टोरेंट्स का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 4.5 किलो दुर्गंधयुक्त उबले काले चने बरामद हुए, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर नष्ट कराया गया। इसके अलावा खुली हल्दी और लाल मिर्च पाउडर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अंकित न होने के कारण उन्हें भी जब्त किया गया। टीम ने प्रयोगशाला जांच के लिए काला चना और खाद्य तेल के नमूने भी सील किए।
गंदगी और लापरवाही पर नोटिसों की बरसात
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंदगी, खुले डस्टबिन, खराब खाद्य पदार्थों का भंडारण और जरूरी दस्तावेजों की कमी मिली। इस पर 4 खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए। वहीं, बहादराबाद स्थित एक कैंटीन के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। दो ढाबा संचालकों को फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड न लगाने पर भी नोटिस थमाए गए।
हर की पैड़ी से सिडकुल तक चला अभियान
25 मई को विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने जिले के कई इलाकों में अभियान चलाया। सिडकुल रोशनाबाद में खुले पनीर के नमूने लिए गए। हर की पैड़ी, भूपतवाला, कनखल और रानीपुर मोड़ क्षेत्र में सरसों तेल और सूजी के नमूने भरे गए। पुहाना और झबरेड़ा क्षेत्र में खाद्य तेल और धनिया पाउडर की जांच की गई।जांच के दौरान कई दुकानदार जरूरी लाइसेंस और दस्तावेज मौके पर नहीं दिखा सके, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किए गए।
चारधाम यात्रा तक जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान जनपदभर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
