हरिद्वार। निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाश आनंद जी महाराज, श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्री रवींद्र पुरी जी और जूना अखाड़े के सचिव श्री हरि गिरि जी महाराज को लेकर कथित आपत्तिजनक बयानों के मामले में विवाद गहरा गया है। हरिद्वार निवासी अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने अपने अधिवक्ता कमल भदोरिया एवं सुमेधा भदोरिया के माध्यम से साध्वी कंचन गिरि को कानूनी नोटिस भेजा है।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साध्वी कंचन गिरि ने वीडियो के माध्यम से स्वामी कैलाश आनंद जी महाराज की थाईलैंड यात्राओं, मसाज आदि को लेकर टिप्पणियां कीं और रवींद्र पुरी व हरि गिरि जी महाराज के लिए भी कथित रूप से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। नोटिस में ‘केंचुआनंद’ जैसे शब्द के सार्वजनिक इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई गई है।

अरुण भदौरिया ने कहा कि स्वामी कैलाश आनंद जी महाराज धार्मिक अनुष्ठानों, भंडारे, गरीब कन्याओं के विवाह, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और सेवा कार्यों के लिए श्रद्धालुओं में सम्मानित हैं। नोटिस में साध्वी से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण, वीडियो हटाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर लिखित खेद व्यक्त करने की मांग की गई है। जवाब न मिलने पर हरिद्वार न्यायालय में मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है।
