हरिद्वार, 10 सितंबर। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की रफ्तार और गुणवत्ता परखने के लिए गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन खुद मैदान में उतर गए। अधिकारियों की पूरी टीम के साथ मुख्य सचिव ने अरबेनिया वाहन में सवार होकर रोड़ी-बेलवाला से रोशनाबाद, कनखल, दक्षद्वीप, बैरागी कैंप होते हुए सीसीआर टावर तक निर्माण स्थलों का दौरा किया। एक के बाद एक साइट पर पहुंचकर उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और समयसीमा का जायजा लिया।
मुख्य सचिव ने साफ कर दिया कि कुंभ के कामों में अब न ढिलाई चलेगी, न गुणवत्ता से समझौता। जिन परियोजनाओं की रफ्तार धीमी है, उन्हें चिह्नित कर तेजी से काम कराने और बाधाओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधाएं मिलनी चाहिए।
रोड़ी-बेलवाला में यूआईआईडीबी की प्रशासनिक मार्ग और हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने परिसंपत्तियों के स्थायी रख-रखाव की व्यवस्था अभी से तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेलाधिकारी सोनिका को संबंधित विभागों के साथ औपचारिक मसौदा शासन को भेजने को कहा। हाथीपुल से अलकनंदा के बीच घाटों के पुनर्निर्माण में मजबूत रेलिंग, चेन और सुगम पैदल मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
ऋषिकुल में ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग, शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक और भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक पैदल फुटपाथ व चौराहा सुधार कार्यों को भी परखा गया। रोशनाबाद में 251.98 लाख रुपये के ड्रग वेयरहाउस और दक्षद्वीप-बैरागी क्षेत्र में 1246.09 लाख रुपये की लागत से बन रहे 60 मीटर स्पान पुल का भी निरीक्षण हुआ।
इसके बाद सीसीआर-2 भवन पहुंचकर मुख्य सचिव ने निर्माण में तेजी लाने के लिए जरूरत पड़ने पर दिन-रात काम कराने के निर्देश दिए। डाम कोठी में हुई बैठक में विभागवार तैयारियों की समीक्षा के साथ थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच एजेंसियों टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्रा. लि., क्वालिटी ऑस्ट्रिया सेंट्रल एशिया प्रा. लि. और ब्यूरो वेरिटास (इंडिया) प्रा. लि. के टीम लीडर्स से भी प्रगति जानी गई।
बैठक में एनएच परियोजनाओं से प्रभावित पार्किंग और डायवर्जन मार्गों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन की कार्ययोजना पर भी मंथन हुआ। मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ की सफलता के लिए सभी विभागों को टीम भावना से काम करना होगा।
मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जा चुका है और आईआईटी रुड़की से भी जांच का आग्रह किया गया है। सीसीआर-2 की गुणवत्ता जांच के लिए केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से जांच कराने का निर्णय भी लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी (कुंभ) डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, एसएसपी (कुंभ) आयुष अग्रवाल, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष दत्त, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, टेक्निकल सेल के अधीक्षण अभियंता डीपी भट्ट और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
