हरिद्वार, 7 सितंबर। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को समय पर पूरा कराने के लिए मेला प्रशासन ने निगरानी तंत्र को और मजबूत कर दिया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कुंभ क्षेत्र के 32 सेक्टरों में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। अब नामित अधिकारी नियमित स्थलीय निरीक्षण करेंगे और हर सप्ताह कार्यों की प्रगति व गुणवत्ता की रिपोर्ट मेलाधिकारी को देंगे। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक लेते हुए सोनिका ने दो टूक कहा कि कुंभ कार्यों में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने घाटों, पुलों, सड़कों, फुटपाथों, चौराहों और बड़ी परियोजनाओं पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए। गंगनहर क्लोजर के दौरान प्रस्तावित घाटों के निर्माण एवं मरम्मत की तैयारियां भी समय से पूरी करने को कहा।मेलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उपयोगी सुझावों को कार्ययोजना में शामिल करने तथा शिविर स्थलों की भूमि ड्रेसिंग-लेवलिंग, सौंदर्यीकरण और पौधारोपण कार्यों की भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। अपेक्षित प्रगति न मिलने पर संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष कुमार, नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हरि गिरी, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, एसडीएम हरिद्वार यागेश मेहरा, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, एसडीएम रुड़की देवेंद्र नेगी, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला, जिला विकास अधिकारी के.के. पंत और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।कुंभ क्षेत्र में हरिद्वार के अलावा देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के क्षेत्र शामिल हैं। मेला प्रशासन का लक्ष्य है कि मेले से पहले सभी स्थायी और अस्थायी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे हों।
