हरिद्वार, 20 अगस्त 2026। कुंभ मेला 2027 से पहले हरिद्वार को सजाने-संवारने की कवायद अब जमीन पर नजर आने लगी है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने गुरुवार को शहर के कनखल, देवपुरा, ऋषिकुल और चंडी चौक समेत कई प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि कुंभ से पहले शहर की सूरत भी बदले और श्रद्धालुओं की सुविधाएं भी बढ़ें।
निरीक्षण की शुरुआत कनखल के ऐतिहासिक झंडा चौक से हुई। मेलाधिकारी ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों से चर्चा कर चौक के सुधार और सौंदर्यीकरण की योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखने, रेलिंग और प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने के साथ आसपास के भवनों के फसाड सुधार पर भी जोर दिया गया।
इसके बाद रेलवे स्टेशन मार्ग और शिव मूर्ति चौक का निरीक्षण कर अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए। देवपुरा और ऋषिकुल क्षेत्र में फुटपाथ, पार्किंग और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा हुई। मेलाधिकारी ने छोटी-छोटी पार्किंग विकसित करने, भीड़ वाले स्थानों पर रेलिंग लगाने और यात्रियों के लिए शेड बनाने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
गंगनहर पर बन रहे घाट भी निरीक्षण के दायरे में रहे। ऋषिकुल पुल के पास निर्माणाधीन घाटों और नहर पटरी को साफ-सुथरा एवं अतिक्रमणमुक्त रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क किनारे बेतरतीब यूपीसीएल संरचनाओं को व्यवस्थित करने को कहा गया, ताकि पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बाधित न हो।
चंडी चौक पर दिखेगा धार्मिक-सांस्कृतिक रंग
निरीक्षण का सबसे दिलचस्प पड़ाव चंडी चौक रहा। कुंभ नगरी के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में इसके सौंदर्यीकरण की विशेष योजना बनाई जा रही है। चौक के सुधार का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा, जबकि एचआरडीए और नगर निगम सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
खास बात यह है कि चंडी चौक पर आकर्षक नंदी प्रतिमा स्थापित करने की योजना पर भी विचार चल रहा है। दोनों पुलों के शुरुआती हिस्सों के बीच उपलब्ध स्थान को प्रतिमा के लिए उपयुक्त माना गया है। इसके अलावा चंडी चौक फ्लाईओवर पर वॉल पेंटिंग और फसाड कार्य कराकर पूरे क्षेत्र को नया और आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी है।
मेलाधिकारी ने ललताराव पुल की ओर निर्माणाधीन पार्कों का भी निरीक्षण किया और उनके विकास एवं सौंदर्यीकरण को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस, नगर निगम और अन्य विभागों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने तथा हटाए गए अतिक्रमण की दोबारा वापसी रोकने के लिए नियमित निगरानी के निर्देश दिए। स्पष्ट है कि कुंभ 2027 की तैयारी अब सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि हरिद्वार की सड़कों, चौराहों, फुटपाथों और प्रवेश द्वारों को नया रूप देने की कवायद भी तेज हो गई है।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश, लोनिवि के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
