हरिद्वार। संसद भवन के बाहर 31 जुलाई 2026 को हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदोरिया ने अपने अधिवक्ता कमल भदोरिया के माध्यम से सांसद पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद को कानूनी नोटिस भेजकर उन पर करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है।

नोटिस में दावा किया गया है कि 31 जुलाई की शाम लगभग 7 बजे टीवी चैनलों पर प्रसारित कार्यक्रम में संसद भवन के सामने भगवान श्रीराम की तस्वीर को जिस प्रकार प्रदर्शित किया गया, उससे स्वयं नोटिस भेजने वाले सहित अनेक श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। नोटिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर बैठे थे, जबकि राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद जूते पहनकर दान देने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर रहे थे। नोटिस में इसे भगवान श्रीराम तथा भगवा परंपरा के सम्मान के विपरीत बताया गया है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन और सम्मान करने का अधिकार देता है तथा दूसरों की धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। अधिवक्ता अरुण भदोरिया ने आरोप लगाया है कि संसद जैसे देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक स्थल के सामने इस प्रकार का प्रदर्शन उसकी गरिमा के भी प्रतिकूल है।
नोटिस के माध्यम से तीनों सांसदों से तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर क्षमा याचना करने की मांग की गई है। साथ ही उनसे यह स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299, 302 एवं 3(5) के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो हरिद्वार की सक्षम न्यायालय में विधिक कार्यवाही शुरू की जाएगी।
