हरिद्वार, 1 मई। आगामी कुम्भ को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार अब पूरी तरह से सजने-संवरने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। मेला प्रशासन ने तैयारियों को ज़मीन पर उतारने के लिए कमर कस ली है और इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने शुक्रवार को कई अहम क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं की हकीकत को परखा।निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ क्षेत्र में सिर्फ सौंदर्यीकरण ही नहीं, बल्कि सुगमता, स्वच्छता और सुरक्षा को भी शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे हों, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मेलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन, तुलसी चौक और अपर रोड जैसे व्यस्त इलाकों का निरीक्षण कर सीवरेज, सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति जानी। साथ ही मार्ग और परिसर को भी कुंभ के अनुरूप सुंदर और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। भीमगोडा पुल, हाथी पुल, ललतारौ पुल और निरंजनी अखाड़ा मार्ग सहित कई प्रमुख स्थानों पर बेहतर अनुरक्षण और सौंदर्यीकरण की योजना बनाई जा रही है। खासतौर पर साधु-संतों की पेशवाई और अमृत स्नान मार्गों को हेरिटेज रूप में विकसित किया जाएगा। मेलाधिकारी ने स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनके सुझाव लिए और उन्हें कुंभ 2027 का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में जनभागीदारी बेहद जरूरी है। कुंभ क्षेत्र में भवनों के फसाड सुधार, गलियों के पुनर्निर्माण और जनसुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी के साथ हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार एवं परियोजना इकाई के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुछ सहित मेला प्रशासन की टीम मौजूद रही।
