हरिद्वार, 27 अप्रैल। जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम अब लोगों के लिए राहत का बड़ा मंच बनता जा रहा है। सोमवार को हुई सुनवाई में कुल 56 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 26 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि बाकी मामलों को संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस दौरान राजस्व, बिजली, पानी, अतिक्रमण और पेंशन जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। एक ओर जहां जन्म प्रमाण पत्र, चकरोड बंद होने और अवैध कब्जे जैसे मुद्दे उठे, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से जलभराव, बिजली पोल और पानी की टंकी लीकेज की शिकायतें भी सामने आईं। खास बात यह रही कि 25 ग्राम पंचायतों के मिनी सचिवालयों के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिससे गांव-गांव की आवाज प्रशासन तक पहुंची। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण हो, लापरवाही पर कार्रवाई तय है। साथ ही सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के भी निर्देश दिए गए। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी आर के सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सरिता पंवार, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक अमित चंद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।
