हरिद्वार। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर हरिद्वार में राजनीतिक बयानबाजी का तापमान अचानक बढ़ गया। एक तरफ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का लंबा-चौड़ा लेखा-जोखा पेश किया, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने भी उसी मंच से भाजपा के दावों की हवा निकालने की कोशिश की।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, सड़क, रेल और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है और उत्तराखंड में भी विकास की गति तेज हुई है।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने प्रेस क्लब में ही पत्रकार वार्ता कर भाजपा के दावों पर तीखा हमला बोल दिया। शर्मा ने कहा कि सरकार उपलब्धियों का ढोल पीट रही है, जबकि महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने भाजपा के दावों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि जमीन पर हालात और सरकारी दावों में बड़ा अंतर है।
दिलचस्प बात यह रही कि एक ही शहर में, एक ही दिन और लगभग एक ही मुद्दे पर दोनों दलों ने अपनी-अपनी राजनीतिक पिच तैयार की। भाजपा ने विकास का रिपोर्ट कार्ड दिखाया तो कांग्रेस ने उसी रिपोर्ट कार्ड को फेल घोषित कर दिया। अब सवाल यह है कि जनता किसकी बात पर भरोसा करती है उपलब्धियों के दावों पर या विपक्ष के आरोपों पर। फिलहाल हरिद्वार में राजनीतिक बहस का पारा जरूर चढ़ा हुआ है और दोनों दल अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में डटे हैं।
