लक्सर। रक्तदान जैसे पवित्र अभियान की आड़ में कथित तौर पर अवैध तरीके से खून इकट्ठा कर उसे दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने के खेल का लक्सर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने दो वाहनों को रोककर तलाशी ली तो उनके अंदर का सामान देखकर टीम भी हैरान रह गई। आइस बॉक्स में 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग मिले। मौके से ब्लड कलेक्शन से जुड़े उपकरण और कैंप में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांव-देहात में बिना आवश्यक अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर ग्रामीणों से रक्त एकत्र कर रहे हैं। सूचना पर सुल्तानपुर और भिक्कमपुर चौकी पुलिस ने इलाके में चेकिंग शुरू की। अलावलपुर तिराहे पर दो संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच की गई, जिसके बाद कथित अवैध रक्त संग्रह का मामला सामने आया।
स्विफ्ट कार UK-08-BL-3257 से आइस बॉक्स में 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग और रक्त संग्रह व जांच से संबंधित उपकरण बरामद हुए। वहीं स्कॉर्पियो एन UP-20-CD-8085 से चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, एचबी/ब्लड ग्रुप जांच संबंधी सामग्री, हाथ बांधने वाली चार बेल्ट और अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र बरामद किए गए।
पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों अनित सैनी, शुभम कुमार, दुष्यन्त कुमार, कावेन्द्र कुमार और दया सिंह को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बिना आवश्यक अनुमति/लाइसेंस के ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते थे। एकत्र रक्त को अधिक कीमत पर दूसरे राज्यों में बेचने के आरोप की भी जांच की जा रही है।
मामले में मु0अ0सं0 829/2026, धारा 18(सी), 27 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट एवं 316(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
SSP हरिद्वार नवनीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि रक्तदान जैसे पवित्र कार्य की आड़ में अवैध गतिविधियां करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी, वउनि नितिन चौहान, उनि बीरेन्द्र सिंह नेगी, उनि यशवीर सिंह नेगी समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
