हरिद्वार, 21 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और नौजवानों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को हरिद्वार के कनखल स्थित सिंहद्वार पर जन अधिकार संगठन, इंकलाबी मजदूर केन्द्र एवं संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए कामरेड ओमपाल सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और पुलिस बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पंकज कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों, मजदूरों और छात्रों के हितों की अनदेखी कर रही है तथा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक एकजुटता की आवश्यकता है।
नासिर अहमद ने लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की, जबकि नीता ने कहा कि छात्रों-युवाओं पर हुए कथित दमन की देशभर में निंदा हो रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सभा के अंत में वक्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और जनसंघर्षों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
प्रदर्शन में जन अधिकार संगठन के अध्यक्ष सुनील आनंद, जय प्रकाश, आरती, रेखा, नीतु, सावित्री, मौ. जौक, राम बिलास पासवान, विकास बेनिवाल, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के महामंत्री अवधेश कुमार, फूड्स यूनियन के देवेन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन के तरुण और भरत सहित अनेक सामाजिक, छात्र, महिला एवं श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
