हरिद्वार, 4 मई। हर सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जन सुनवाई अब सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के लिए सीधा समाधान मंच बनती जा रही है, जहां समस्याएं सिर्फ सुनी नहीं जा रहीं बल्कि मौके पर हल भी हो रही हैं। आज के जन सुनवाई कार्यक्रम में इस बार भी बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 70 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 32 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को जल्द समाधान के निर्देशों के साथ भेजा गया। जन सुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, बिजली, राशन, अतिक्रमण, जलभराव और पेयजल जैसी रोजमर्रा की समस्याएं प्रमुख रहीं। न्यू विष्णु गार्डन में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और गंदगी फैलाने की शिकायत, अहमदपुर ग्रांट में भूमि विवाद और पैमाइश की मांग, औरंगाबाद में 10 से 12 घंटे बिजली आपूर्ति से किसानों की परेशानी, सेवानिवृत्त शिक्षक को पेंशन न मिलने का मामला और गांवों में कूड़ा-कचरा और जलभराव की समस्याएं इन सभी मामलों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनपद की 25 ग्राम पंचायतों में बने मिनी सचिवालयों के जरिए ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज कराईं। दुधला दयालवाला में हाईवे पर साइन बोर्ड न होने की शिकायत, गंगा किनारे तटबंध निर्माण की मांग, गोरधनपुर विद्यालय में जलभराव की गंभीर समस्या प्रमुख रही। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए, साथ ही आवश्यक मामलों में स्थलीय निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि L1 स्तर पर 591 शिकायतें और L2 स्तर पर 111 शिकायतें लंबित हैं। इन सभी को जल्द निपटाने और शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर संवाद करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह, एसडीएम, जिला विकास अधिकारी, शिक्षा विभाग, पंचायत, पर्यटन, लोनिवि और यूपीसीएल सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
