हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली ज्वालापुर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने सत्यापन अभियान के दौरान एक बांग्लादेशी महिला को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से नाम बदलकर भारत में रह रही थी।
उक्त खुलासे की जानकारी पत्रकारों को देते हुए SSP नवनीत सिंह ने बताया कि घटना 8 अप्रैल की है, जब पुलिस टीम ने ज्वालापुर स्थित वैष्णवी एन्क्लेव क्षेत्र में छापेमारी की। यहां से संदिग्ध परिस्थितियों में रह रही महिला को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम स्वीटी बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसकी पहचान सहेला बेगम निवासी कुमीला, बांग्लादेश के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, सहेला बेगम वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से श्यामदास के संपर्क में आई थी। आर्थिक तंगी के चलते वह भारत आ गई और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रही थी। आरोपी ने श्यामदास की मदद से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए थे। पुलिस ने महिला के कब्जे से बांग्लादेश का पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड भी बरामद किया है। मामले में श्यामदास, निवासी बिलासपुर (छत्तीसगढ़), को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने महिला को शरण देने और दस्तावेज बनवाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी नवनीत सिंह ने इस कार्रवाई पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
