हरिद्वार। श्रावण मास और कांवड़ मेला-2026 को लेकर हरिद्वार पुलिस ने विस्तृत यातायात योजना जारी कर दी है। पुलिस ने आमजन, श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि मेले के दौरान यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान का अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि अनावश्यक जाम और असुविधा से बचा जा सके। इस वर्ष श्रावण मास 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। चारों सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे, जबकि 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इसी अवधि में लाखों कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सामान्य वाहनों, कांवड़ वाहनों, रोडवेज और प्राइवेट बसों, भारी वाहनों तथा चारधाम यात्रियों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए हैं। सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा और पंजाब की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को विभिन्न डायवर्जन मार्गों से बैरागी कैंप, गौरीशंकर, नीलधारा, लालजीवाला और अन्य पार्किंग स्थलों तक भेजा जाएगा। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रोडवेज और प्राइवेट बसों के संचालन के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। दिल्ली से आने वाली अधिकांश बसें एक्सप्रेसवे के जरिए संचालित होंगी, जबकि देहरादून और ऋषिकेश की बसों को मोतीचूर पार्किंग तक सीमित रखा जाएगा। भारी वाहनों पर भी चरणबद्ध प्रतिबंध लागू रहेगा और 5 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। चारधाम यात्रा को प्रभावित न होने देने के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। आवश्यक सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए हिल बाईपास सुरक्षित रखा गया है। पैदल कांवड़ियों के लिए भी अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे हर की पैड़ी से दिल्ली, सहारनपुर, नजीबाबाद, मुरादाबाद, देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। हरिद्वार पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग का ही उपयोग करें और यात्रा से पहले जारी ट्रैफिक प्लान देखकर ही घर से निकलें, ताकि कांवड़ मेला-2026 शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
