देहरादून। उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने रामनगर में खताडी स्थित राज्य आंदोलनकारी पेंशन प्राप्त रईस अहमद के रोजगार के एकमात्र सहारे खोखे को तोड़े जाने के कुत्र्शित प्रयासों पर पर आपत्ति जताई है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वहां पर अपना कार्य चला रहे हैं और कुछ स्थानीय शरारती तत्वों की शिकायत पर उनके ठोक के को हटाने की साजिश की जा रही है। धीरेंद्र प्रताप ने इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल से फोन पर बात करके इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रईस अहमद पुराने आदमी है राज्य आंदोलनकारी हैं और गरीबी से जूझ रहे हैं ऐसे में उनका एकमात्र रोजगार का रास्ता ही अगर उजड़ गया तो जल्द ही अपनी जान गवा देंगे। धीरेंद्र प्रताप ने कहा यह एक गरीब परिवार पर बहुत गहरा आघात होगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से आग्रह किया कि वे इस गभीर मामले मे हस्तक्षेप करें और स्थानीय एसडीएम रामनगर से बात करके इस मामले में रईस अहमद के साथ किया जा रहे हैं दुर्व्यवहार पर रोक लगाए। धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि जिलाधिकारी ने कहा कि वह इस मामले में एसडीएम से बात करके न्याय संगत कार्रवाई पर जोर देंग। राज्य आंदोलनकारी चंद्रशेखर जोशी, प्रभात ध्यानी, धीरेंद्र प्रताप, नवीन नैथानी, इंदर सिंह मनराल, हरिमोहन फजल खान आदि ने एक संयुक्त बयान जारी करके रईस अहमद के साथ किये जा रहे दुर्व्यवहार पर चिंता व्यक्त है और प्रशासन से रईस अहमद के साथ हो रहे अन्याय को रोकने की अपील की है।
