हरिद्वार, 23 दिसंबर। उत्तराखण्ड में श्रमिकों के साथ हो रहे निरंतर शोषण, ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण पर अघोषित रोक तथा श्रम विभाग की दमनकारी एवं श्रमिक-विरोधी कार्यप्रणाली के विरोध में भारतीय मजदूर संघ द्वारा उप श्रम आयुक्त (DLC) कार्यालय, हरिद्वार पर विशाल हल्ला बोल प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों श्रमिकों ने भाग लेकर श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री सुमित सिंघल ने कहा कि श्रम विभाग नये श्रम कानूनों (लेबर कोड्स) के नियम अभी लागू न होने के बावजूद उनका बहाना बनाकर ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण रोक रहा है, जो कि श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। जानबूझकर यूनियन पंजीकरण की फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, ताकि श्रमिक संगठित होकर अपनी आवाज न उठा सकें।
उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन एवं श्रम विभाग औद्योगिक संबंध संहिता (IR Code) 2020 का हवाला दे रहे हैं, तो उसी कानून के अनुसार हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड, सिडकुल हरिद्वार में हीरो मोटोकॉर्प कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) की सदस्य संख्या 51 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मान्यता देकर नेगोशिएशन काउंसिल के अंतर्गत वार्ता के लिए बुलाया जाना चाहिए। इसके विपरीत प्रबंधन एवं विभाग अपनी सुविधा के अनुसार कानूनों का चयनात्मक प्रयोग कर रहे हैं।
प्रदेश महामंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय मजदूर संघ नये श्रम कानूनों का विरोधी नहीं, बल्कि पक्षधर है, क्योंकि ये कानून श्रमिक हित में हैं। किंतु जब तक नये श्रम कानूनों के नियम लागू नहीं हो जाते, तब तक पुराने श्रम कानूनों के अंतर्गत कार्य करना अनिवार्य है। नियम लागू हुए बिना पुराने कानूनों को निष्क्रिय करना श्रमिकों के साथ अन्याय एवं शोषण है।
श्री सिंघल ने बताया कि प्रदेश भर में नई ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण तथा पुरानी यूनियनों के फॉर्म-जे महीनों से लंबित हैं और मामलों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे श्रमिकों में भारी असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2024 में घोषित 25 प्रतिशत न्यूनतम वेतन वृद्धि का लाभ आज तक अनेक श्रमिकों को नहीं मिला है। विशेषकर इंजीनियरिंग उद्योग में वर्षों से वेतन संशोधन न होना श्रमिकों के आर्थिक शोषण को दर्शाता है।
प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि हीरो मोटोकॉर्प में श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत यूनियन की अनदेखी कर अवैध रूप से CFT कमेटी चलाई जा रही है तथा श्रमिकों पर इस्तीफा न देने का दबाव बनाकर भय का वातावरण बनाया जा रहा है, जो श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि अनेक औद्योगिक इकाइयों में ठेका श्रमिकों से खतरनाक मशीनों पर कार्य कराया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है, जिससे श्रमिकों का जीवन खतरे में है।
इस प्रदर्शन में हीरो मोटोकॉर्प कर्मचारी संघ के महामंत्री पवन कुमार, पदाधिकारी योगेश यादव, शोभन कुमार, जितेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह नेगी, मनीष कंडवाल, राजेंद्र सेमवाल सहित BHEL–BMS यूनियन के महामंत्री अमित चौहान, अध्यक्ष इंद्रपाल शर्मा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार कोषाध्यक्ष अमित थपरियाल, मनमीत BHEL CFFP महामंत्री पवन, जिला मन्त्री ललित पुरोहित, वरिष्ठ पदाधिकारी टंकार कौशल, शुगर मिल से धीरज, राजेंद्र कापड़ी सकफ, महामंत्री पृथ्वी चौहान, विवेकानंद रतूड़ी, शुगर मिल से नितिन खटाना, नगर निगम से प्रवीण तेश्वर सचिन पाल, गोकुल चंद पवन कुमार SKF तथा सैकड़ों श्रमिक उपस्थित रहे। सुमित सिंघल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस प्रदर्शन के बाद भी तीन दिनों के भीतर श्रमिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भारतीय मजदूर संघ द्वारा श्रम आयुक्त कार्यालय का पूर्ण घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन एवं श्रम विभाग की होगी। इस दौरान श्रमिकों ने श्रम कार्यालय का घेराव कर फैक्ट्री प्रबंधन एवं श्रम विभाग के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की।
