हरिद्वार, 15 अप्रैल। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा और अनोखा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी स्कूलों में वॉटर बेल बजेगी, ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रहें। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ग्रीष्मकालीन समीक्षा बैठक में यह अहम निर्देश जारी किए। बैठक में साफ कहा गया कि हीटवेव के खतरे को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। स्कूलों के समय में बदलाव, कक्षाओं में बेहतर वेंटिलेशन, ओआरएस और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बच्चों को हीटवेव से बचाव के व्यवहारिक उपाय भी सिखाए जाएंगे। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पानी की कमी है, वहां तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बस स्टैंड, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम भी संचालित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। हीटवेव से निपटने के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड, अतिरिक्त बेड, आइस पैक और ओआरएस की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। एम्बुलेंस सेवाओं को भी मजबूत करते हुए जरूरी संसाधनों से लैस करने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोपहर के समय भारी कार्य से बचने, छायादार विश्राम स्थल, पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही शहर और गांवों में कूलिंग स्पेस और पानी के प्याऊ स्थापित किए जाएंगे। गर्मी में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
जनपद हरिद्वार की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को अवगत कराया है कि हीटवेव के संबंध में संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं दूरस्त रखने के निर्देश दिए गए है,जिसमें जल संस्थान एवं पेयजल निगम को पेयजल व्यवस्था,स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाएं एवं स्वास्थ्य उपकरण,सिडकुल एवं श्रम विभाग को श्रमिकों के लिए शेड एवं पेयजल व्यवस्था,विद्युत विभाग को विद्युत आपूर्ति निरंतर चालू रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर के सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर प्रशांत कुमार, उप नगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश गुप्ता, खनन विभाग सुष्मिता पाण्डे, आर ओ फॉरेस्ट शिशु पाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
