अंतर संकाय कबड्डी प्रतियोगिता में बीपीएड रॉयल ने दिखाया दम, फाइनल में एकतरफा जीत के साथ 2026 का खिताब किया अपने नाम
हरिद्वार, 22 अक्टूबर। खेल के मैदान में दमखम, रणनीति और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जब गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय की अंतर संकाय कबड्डी प्रतियोगिता में बीपीएड रॉयल की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। दयानंद स्टेडियम के कबड्डी इंडोर हॉल में खेले गए फाइनल मुकाबले में बीपीएड रॉयल ने बीटेक ईगल को 34-9 के बड़े अंतर से शिकस्त देकर रनिंग ट्रॉफी पर कब्जा जमाया और वर्ष 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।
विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला बीटेक पैंथर और बीपीएड रॉयल के बीच खेला गया। इस रोमांचक मुकाबले में बीपीएड रॉयल ने 28-22 से जीत दर्ज कर अगले दौर में प्रवेश किया।
दूसरे मुकाबले में योग एवं शारीरिक शिक्षा संकाय की संयुक्त टीम रेजर हीटर का सामना बीटेक ईगल से हुआ। दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन बीटेक ईगल ने 26-22 से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में बीपीएड रॉयल ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और शानदार तालमेल, मजबूत रक्षा तथा बेहतरीन रेड के दम पर बीटेक ईगल को संभलने का मौका नहीं दिया। 34-9 के एकतरफा स्कोर ने बीपीएड रॉयल की श्रेष्ठता साबित कर दी। जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल रहा और विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की गई।
खेलों से मिलती है संस्थान को पहचान
समापन समारोह में उप परीक्षा नियंत्रक प्रो. कुशवाहा दलीप ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में विजय निरंतर परिश्रम का प्रतिफल होती है। जीत से मिलने वाला उत्साह खिलाड़ियों को नई ऊर्जा देता है और उनके परिश्रम की गति को बढ़ाता है। इसलिए खिलाड़ियों को जीवन में नियमित अभ्यास को महत्व देना चाहिए।
प्रो. विवेक गोयल ने कहा कि खिलाड़ी किसी भी शिक्षण संस्थान की शान होते हैं और खेलों में उनकी उपलब्धियों का कोई मोल नहीं लगाया जा सकता।
शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के प्रभारी डॉ. शिवकुमार चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुकुल का वातावरण और संसाधन सदैव खिलाड़ियों के अनुकूल रहे हैं। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और संसाधनों में समयानुसार सुधार के लिए विश्वविद्यालय का सहयोग मिलता रहता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अभ्यास और मेहनत के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रयास करता रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. अनुज कुमार, दुष्यन्त सिंह राणा, डॉ. प्रणवीर सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, अश्वनी कुमार, कुलदीप रतूड़ी सहित शिक्षकेत्तर कर्मचारी और विभिन्न संकायों के छात्र उपस्थित रहे।
