हरिद्वार में जिला स्तरीय समिति की बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर अत्याचार की घटनाओं पर अंकुश लगाने पर जोर
हरिद्वार, 22 अक्टूबर। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक में स्पष्ट किया गया कि पीड़ितों को शासनादेश के अनुसार एक सप्ताह के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान प्राप्त प्रकरणों में आर्थिक सहायता की स्वीकृति और भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही लंबित मामलों के निस्तारण, अत्याचार की घटनाओं की रोकथाम और पीड़ितों को न्याय दिलाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
एफआईआर के साथ जरूरी दस्तावेज जुटाने के निर्देश
डॉ. ललित नारायण मिश्र ने निर्देश दिए कि पीड़ितों को समयबद्ध सहायता दिलाने के लिए पुलिस विभाग एफआईआर दर्ज करते समय ही संबंधित पीड़ित का जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आधार से जुड़ी बैंक खाते की पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति और मोबाइल नंबर प्राप्त कर समाज कल्याण विभाग को भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित करे। इससे सहायता राशि की स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी नजर
बैठक में जनपद के उन क्षेत्रों को चिह्नित करने पर भी विचार किया गया, जहां एससी-एसटी अत्याचार से संबंधित घटनाएं अधिक सामने आती हैं। ऐसे क्षेत्रों में घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग तथा समिति के सदस्यों से सुझाव लेकर आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। समिति के सदस्यों से कहा गया कि यदि उनके संज्ञान में कोई ऐसा मामला आता है, जिसमें पीड़ित की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है या उसे समाज कल्याण विभाग से नियमानुसार आर्थिक सहायता नहीं मिली है, तो ऐसे प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, ताकि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
आवेदनों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश
सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्राप्त प्रकरणों का भलीभांति परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित प्राप्त आवेदनों और पीड़ितों को उपलब्ध कराई गई सहायता राशि की जानकारी समिति के सदस्यों के सामने रखी।
बैठक में पीड़ितों को समय पर न्याय और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, लंबित प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण करने तथा अत्याचार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।
इस दौरान समिति के सदस्य गोपाल कुमार, ऋषिपाल सिंह, अनूप कुमार, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
