सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, पटाखों की दुकानों से लेकर संवेदनशील इलाकों तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश
हरिद्वार, 5 नवंबर। त्योहारों का उल्लास कहीं विवाद और अशांति में न बदल जाए, इसके लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। धनतेरस से लेकर दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा और ईगास-बग्वाल तक धर्मनगरी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। साफ संदेश दिया है कि त्योहारों की आड़ में हुड़दंग, अफवाहबाजी और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ज्वालापुर, बहादराबाद, कनखल और रुड़की सहित संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सतर्कता बढ़ाई जाएगी। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली पोस्ट, आपत्तिजनक तस्वीरें और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी निगरानी रहेगी। अफवाह फैलने पर तत्काल खंडन और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धनतेरस और दीपावली पर बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने, महिलाओं से छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग और लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पटाखों की दुकानें भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में लगेंगी। बिना अग्निशमन व्यवस्था के दुकानों को अनुमति नहीं मिलेगी। दुकानों और गोदामों की जांच कर अवैध एवं मिलावटी पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी।
छठ पूजा के दौरान नदी और तालाबों के घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी, यातायात और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम होंगे। जुआ खेलने, आतिशबाजी को लेकर विवाद करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी।
डीएम ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, पार्किंग स्थलों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी विभाग आपसी समन्वय से शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखना सुनिश्चित करेंगे।
