हरिद्वार, 14 अगस्त। आगामी कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार को भव्य, सुंदर और आकर्षक बनाने की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। शहर के प्रमुख चौराहों, मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को नया रूप देने के लिए मेला प्रशासन ने सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मेलाधिकारी सोनिका ने शुक्रवार को शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, ऋषिकुल, जटवाड़ा पुल, कांवड़ पटरी मार्ग और भूपतवाला सहित कई क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने एचआरडीए के माध्यम से चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए।
चौराहों से लेकर फुटपाथ तक बदलेगा नजारा
निरीक्षण के दौरान लैंडस्केपिंग, फसाड, फुटपाथ, हरित क्षेत्र और प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, ऐसे में शहर का पहला प्रभाव स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सौंदर्यीकरण केवल दिखावे तक सीमित न रहे, बल्कि हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करे। प्रमुख स्थानों पर हरित पट्टियों के बेहतर रख-रखाव के साथ नए हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
दीवारें सुनाएंगी हरिद्वार की कहानी
मेलाधिकारी ने भल्ला स्टेडियम की बाहरी दीवारों समेत शहर की अन्य उपयुक्त दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। इन चित्रों में हरिद्वार की धार्मिक-आध्यात्मिक विरासत के साथ उत्तराखंड की लोक कला, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को उकेरने पर जोर दिया गया।
इस पहल से शहर की दीवारें सिर्फ रंगीन नहीं होंगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार की संस्कृति और पहचान को जानने का नया माध्यम भी बनेंगी।
मूर्तियों और सौंदर्य संरचनाओं पर भी नजर
शहर के प्रमुख चौराहों पर लगी मूर्तियों और अन्य सौंदर्यीकरण संरचनाओं के नियमित रख-रखाव के निर्देश दिए गए। वहीं, डाम कोठी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की भी समीक्षा कर इसे जल्द पूरा करने को कहा गया। मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार के प्रमुख प्रवेश मार्गों और सार्वजनिक स्थलों का स्वरूप ऐसा हो, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के साथ धर्मनगरी की विशिष्ट पहचान को भी सामने रखे। निरीक्षण के दौरान एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उद्यान अधिकारी ए.आर. जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
