हरिद्वार/देहरादून। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार, 13 अगस्त को प्रदेशभर में काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि 15 अगस्त के पावन अवसर पर उन्हें पदोन्नति और भत्तों का तोहफा दिया जाए।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और महामंत्री सुनील अधिकारी समेत पदाधिकारियों ने कहा कि लेब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी सहायक, पुस्तकालय सहायक और ड्रेसर के पदों पर लंबे समय से पदोन्नति की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि स्वतंत्रता दिवस पर सरकार इन पदों पर पदोन्नति का आदेश जारी करती है तो प्रदेश के करीब 200 से 225 कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए इससे बड़ा तोहफा कोई नहीं होगा।
संघ ने हाईस्कूल से कम शैक्षिक योग्यता वाले कर्मचारियों के लिए पौष्टिक आहार भत्ता दिए जाने तथा धुलाई भत्ता बढ़ाकर 500 रुपये किए जाने की भी मांग उठाई। कर्मचारियों का तर्क है कि वे भी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के सीधे संपर्क में रहकर महत्वपूर्ण सेवाएं देते हैं, इसलिए उन्हें भी नर्सिंग अधिकारी संवर्ग की तरह पौष्टिक आहार भत्ता मिलना चाहिए।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, उपाध्यक्ष नेल्सन अरोड़ा, संगठन सचिव छत्रपाल सिंह और दिनेश गुसाईं ने कहा कि मांगों पर लगातार आश्वासन के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे उग्र रूप ले सकता है।
प्रदर्शन में राकेश भंवर, ललित शाह, महेंद्र पड़ियार, गौरी शंकर, भोपाल शाह, नवीन नवानी, पूरण सतवाल, जीवन सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने कहा कि अब उनकी नजर 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस पर सरकार के फैसले पर टिकी है।
