हरिद्वार, 12 जुलाई। लगातार हो रही बारिश के बीच हरिद्वार प्रशासन ने जनसुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों और असुरक्षित संरचनाओं की तत्काल पहचान कर जरूरत पड़ने पर उन्हें सील किया जाए, ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से पहले खतरे को टाला जा सके।
हाल ही में हरिद्वार और चमोली में दीवार गिरने से हुए हादसों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों, ग्राम पंचायतों और विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का विशेष सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जहां भी पुराने और क्षतिग्रस्त भवन या दीवारें लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं, वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुनादी और लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को जागरूक करने का भी फैसला लिया है। लोगों से अपील की जाएगी कि वे बारिश के दौरान जर्जर भवनों, पुरानी दीवारों और असुरक्षित ढांचों से दूरी बनाए रखें और उनमें रहने से बचें।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय या सार्वजनिक भवन जर्जर हालत में पाया जाता है तो उसे तुरंत बंद या सील कर दिया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं कोई खतरनाक या जर्जर भवन दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता ही सुरक्षा है, इसलिए मानसून के दौरान लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
