हरिद्वार, 5 मई। जनपद में नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से संचालित संकल्प प्रोजेक्ट की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर प्रोजेक्ट की प्रगति और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान स्वामी राम हिमालियन इंस्टिट्यूट, जौली ग्रांट के उपनिदेशक डॉ. राजीव बिज्लवान ने जानकारी दी कि यह प्रोजेक्ट आईसीएमआर और नीति आयोग, भारत सरकार के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2024 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशु मृत्यु दर को एकल अंक में लाना है। उत्तराखंड में इसका क्रियान्वयन स्वामी राम हिमालियन इंस्टिट्यूट द्वारा किया जा रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आईसीएमआर, नीति आयोग एवं संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि जनपद में नवजात शिशु मृत्यु दर में ठोस कमी लाई जा सके। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर के सिंह को निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लेबर रूम में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करने हेतु आशा कार्यकत्रियों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो आशा कार्यकत्री अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. कोमल, डॉ. आरती, मनु शिवपुरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।
