हरिद्वार, 21 सितंबर। हरिद्वार जिला कार्यालय सभागार सोमवार को फरियादियों की समस्याओं से गूंज उठा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। विभिन्न विभागों से जुड़ी 68 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 32 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि बाकी शिकायतें संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजी गईं।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, बिजली, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। ग्राम बंजारेवाला ग्रंट निवासी सुरजीत सिंह ने गंभीर रूप से बीमार पत्नी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद की गुहार लगाई। वहीं लक्सर के ग्राम जैनपुर मुबारिकपुर निवासी आलम मीर ने लंबे समय से लंबित राशन कार्ड बनवाने की मांग रखी।
सीतापुर निवासी बृजानन्द शर्मा ने वोटर आईडी अपडेट कराने की समस्या रखी। सूरज कुमार पुत्र धर्मपाल सिंह ने सजनपुर पीली स्थित कृषि भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। देवनगर के निवासियों ने वार्ड संख्या 12 में मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली करीब 250 मीटर लंबी खराब सड़क के निर्माण की मांग उठाई। सुरेंद्र सैनी ने जिले में डेंगू और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की, जबकि रुहेला ने रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराने की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिन मामलों में मौके पर निरीक्षण जरूरी है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से स्थलीय निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन पर भी DM की नजर, 374 शिकायतें लंबित
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। खास तौर पर 36 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों के शीघ्र निस्तारण को कहा गया। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 290 और एल-2 स्तर पर 84 शिकायतें, यानी कुल 374 शिकायतें लंबित पाई गईं।
बैठक में जॉइन्ट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान और परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
