जिला मुख्यालय से लेकर पतंजलि, शांतिकुंज, कुंभ मेला कार्यालय और शिक्षण संस्थानों तक हुए भव्य आयोजन; तिरंगा रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पौधरोपण ने बढ़ाया उत्साह
हरिद्वार, 15 अगस्त। देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हरिद्वार में हर्षोल्लास, देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर पतंजलि योगपीठ, शांतिकुंज, कुंभ मेला कार्यालय, हरिद्वार विकास प्राधिकरण, भाजपा जिला कार्यालय और विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक तिरंगा शान से लहराया। समारोहों में स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्रहित, कर्तव्यनिष्ठा, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया।
जिला मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ध्वजारोहण किया। इससे पूर्व वंदेमातरम् का गायन हुआ। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर देश को आजादी दिलाई। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का बिना भेदभाव तत्परता से समाधान करने का आह्वान किया।
समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उनके परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को पुष्पमाला व शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कांवड़ मेले के दौरान गंगा के तेज बहाव में फंसे श्रद्धालुओं का सफल रेस्क्यू कर उनकी जान बचाने के लिए बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप सेंटर के ग्रुप लीडर सूबेदार कुलविंदर सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आनंदमई सेवा सदन इंटर कॉलेज की छात्राओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण किया, जहां अधिकारियों-कर्मचारियों ने चंदन और गुलमोहर के 100 पौधे लगाए।
पतंजलि में स्वामी रामदेव का राष्ट्रनिर्माण का संदेश
पतंजलि योगपीठ में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने ध्वजारोहण कर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। स्वामी रामदेव ने कहा कि देश किसी एक राजनीतिक दल या सत्ता में बैठे लोगों का नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय का है। उन्होंने नशामुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त और विकसित भारत के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन भी जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक रोकने, युवाओं को समान अवसर देने तथा शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन ही भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शांतिकुंज में तिरंगा रैली और अनुशासित परेड
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय और गायत्री विद्यापीठ में भी स्वतंत्रता दिवस का उत्साह देखने को मिला। श्रद्धेया शैलदीदी और डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। प्रज्ञा बैंड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड और सुरक्षा स्वयंसेवकों की परेड तथा तिरंगा रैली ने माहौल को राष्ट्रभक्ति से भर दिया। गायत्री परिवार ने युवाओं से नशे और कुरीतियों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित और भव्य बनाने का संकल्प
कुंभ मेला कार्यालय में मेलाधिकारी सोनिका ने ध्वजारोहण किया। पुलिस गार्ड ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने आगामी कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया। सोनिका ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए प्रत्येक कार्मिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर इंद्रमणि बडोनी पार्क में स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में बरगद और नीम के पौधे भी लगाए गए।
स्कूलों में दिखी मिनी भारत की झलक
तरूण हिमालय इंटर कॉलेज में मेयर किरण जैसल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। एनसीसी कैडेट्स ने शानदार मार्चपास्ट किया, जबकि विद्यार्थियों ने उत्तराखंड, राजस्थान और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविधता में एकता की झलक पेश की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। डॉ. हरिराम आर्य इंटर कॉलेज में भी देशभक्ति और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए त्याग, अनुशासन और संयम का संदेश दिया गया।
भाजपा कार्यालय में भी धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
भाजपा जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ ध्वजारोहण किया। वहीं हरिद्वार विकास प्राधिकरण में सचिव प्रत्युष सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस तरह हरिद्वार में स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए सेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के नए संकल्प का अवसर बन गया।
